जीवन से जुड़ी है चिन्ता,चिन्ता के लिए है मुक्ति,मुक्ति से है आनन्द,आनन्द के लिए आप और आप के लिए पेश है.....
हर वर्ग से जुड़ी सामाजिक,पारिवारिक जीवन के पहलुओं को अपने में समेटे हुए, आपकी पसन्द बनने वाली ऐसी ही एक सम्पूर्ण पत्रिका ।
मंगलवार, 3 मार्च 2009
ज़िन्दगी लाईव हिन्दी त्रैमासिक पत्रिका (जनवरी-जून 2009 ) संयुक्तांक
अच्छी पत्रिका, अगर इसे पीडीएफ में बदल कर उसका एक सीधा लिंक दे दिया जाये तो और भी बेहर होगा। पीडीएफ संस्करण को डाउनलोड कर बाद में फुर्सत से भी पढ़ी जा सकती है।
हिन्दी पाठकों के लिए अच्छे प्रयास के लिए धन्यवाद और आपकी पत्रिका के लिए शुभकामनायें। मेरा भी मानना है की डिजीटल संस्करण बेहतर रहेगा, एक तो बहुत अस्सानी होती है और दूसरे कागजों की बचत होगी तो पर्यावरण का भी सरंक्षण होगा। मेरा भी अनुरोध है की डिजीटल प्रकाशन के बारें में सोंचे। आपको और आपकी पत्रिका के तमाम पाठकों को मेरी तारा से होली की बहुत बधाइयां.
kay patrika ki ek prati prapat ho sakti hai. pradeep srivastava edition incharge swatantra vartha national hindi daily kanteshwar nizamabad. 503002 A.P. 09848997327
हमारा अगला अंक माह अक्टूबर-दिसम्बर 2009 फ़ेस्टिव स्पेशल होगा। लेखकों से निवेदन है कि इससे संबन्धित कोई भी लेख,कहानी,कविता,चुटकले,व्यंग आदि भेज सकते है ।
रचनाकारों से....
रचनाकारों से अनुरोध है कि पत्रिका हेतु वे तीज,त्यौहार,उत्सव,जयन्ती और मौसम के अनुरूप अपनी रचनाएं जैसे (हैल्थ,सौन्दर्य,महिलाओं,बच्चों युवाओं एंव बूढ़ों से सम्बन्धित लेख,कहानी,कविता,गज़ल,चुटकले आदि भेज सकते हैं भेजी गयी रचनाएं मौलिक,अप्रकाशित,और स्वरचित से प्रमाणीकृत होनी चाहिए । रचनाएं साफ लिखी हुई या टंकित होनी चाहिए । अस्वीकृत रचनाएं वापस नहीं भेजी जाएंगी अतः एक प्रति अपने पास अवश्य रखें । स्वीकृत एंव मुद्रित रचनाओं पर किसी प्रकार का भुगतान देय नहीं होगा। रचनाएं इस पते पर भेज सकते हैं । सम्पादक ज़िन्दगी लाईव पत्रिका A-178 , रिद्धि सिद्धि नगर कुन्हाड़ी, कोटा (राज.) 324008 रचनाएं ई-मेल द्वारा भी भेजी जा सकती हैं । रचनाएं कृतिदेव,अर्जुन,कनिका,शुशा या यूनिकोड में ही स्वीकार्य होंगी । ई-मेलः zindgi.live@yahoo.co.in
क्या ये मगज़ीन बीकानेर में उपलब्ध है...इसकी सफलता हेतु मेरी शुभकामनाएं...
जवाब देंहटाएंपत्रिका श्रमपूर्वक निकाली जा रही है। उत्तरोत्तर उन्नति हेतु मेरी शुभकामनाएँ।
जवाब देंहटाएंअच्छी पत्रिका, अगर इसे पीडीएफ में बदल कर उसका एक सीधा लिंक दे दिया जाये तो और भी बेहर होगा।
जवाब देंहटाएंपीडीएफ संस्करण को डाउनलोड कर बाद में फुर्सत से भी पढ़ी जा सकती है।
हिन्दी पाठकों के लिए अच्छे प्रयास के लिए धन्यवाद और आपकी पत्रिका के लिए शुभकामनायें। मेरा भी मानना है की डिजीटल संस्करण बेहतर रहेगा, एक तो बहुत अस्सानी होती है और दूसरे कागजों की बचत होगी तो पर्यावरण का भी सरंक्षण होगा। मेरा भी अनुरोध है की डिजीटल प्रकाशन के बारें में सोंचे। आपको और आपकी पत्रिका के तमाम पाठकों को मेरी तारा से होली की बहुत बधाइयां.
जवाब देंहटाएंpatrika aaj achanak mail per dekhane ko mil gai,
जवाब देंहटाएंbahut achchi lagi.
prakasan ke liye bahut bahut badhai.
pradeep srivastava
NIZAMABAD A.P.
अद्भूत है..कामना करते हैं, अमरबेल की भांति फैले पूरे देश में
जवाब देंहटाएंkay patrika ki ek prati prapat ho sakti hai.
जवाब देंहटाएंpradeep srivastava
edition incharge
swatantra vartha
national hindi daily
kanteshwar
nizamabad. 503002 A.P.
09848997327